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एक आचार्य चार्वाक हुए हैं जिन्होंने कहा था - यावद जीवम सुखम जीवेत, ऋणम कृत्वा, घृतम पीवेत। अर्थात जब तक जियो सुख से जियो, ऋण करके भी घी पियो। मोदी सरकार भी वही कर रही है। 9 साल में कर्ज 100 लाख करोड़ बढ़ गया मगर 8400 करोड़ का हवाई जहाज चाहिए। ...1/2

9 साल में आम जनता से 3 गुना टैक्स चूस लिया, 19 लाख करोड़ ज़्यादह चूस लिए, मगर 20000 करोड़ का सेंट्रल विस्टा चाहिए। लोगों को हिन्दू खतरे में है बोल कर डराते रहो, और ऐश ठोकते रहो, टैक्स चूसते रहो, कर्जा लेते रहो। तुम्हें कर्ज चुकाने की चिंता कहाँ? झोला उठाकर निकल जाओगे! 😒😫 2/2
आचार्य कन्फ़्यूशियस
सौगंध राम की खाते हैं हम धूनी यहीं रमाएंगे! Don't judge the weight of an iceberg from it's tip. अपनी sanity बनाए रखें BC, याने Before Christ वाली।
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