रिजर्व बैंक के जरिए अब मोदी सरकार ऐसी योजना लेकर आई है जिससे विलफुल डिफाल्टर्स और बैंक फ्रॉड करने वालों के साथ बैंक आपसी सहमति से 100 का कर्जा 10 - 5 रुपए तक में निपटा सकेंगे। और, यदि यह भी न हो तो भाजपा को बड़ा फंड देकर सारा कर्ज़ा खत्म करके अपना रिकॉर्ड साफ-सुथरा बना लें।
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बैंकों को अरबों-खरबों रुपए का चूना लगाने वालों के प्रति स्वघोषित चौकीदार मोदी की इस मेहरबानी का मतलब क्या है?
जाहिर है यह 'बैंक सफाई योजना' कोई 100-50 करोड़ रुपए के उन टटपूंजिये कर्जदारों के लिए नहीं है जो किसी आपदा से व्यापार में हुए घाटे से ऋण नहीं चुका पा रहे हैं।
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बल्कि असल में यह योजना उन चंद लोगों के लिए लाई गई है जिन्होंने बैंकों को अरबों-खरबों रुपए का चूना लगाने के लिए बैंकों से कर्ज लिया और उसे भाजपाईओ के साथ आधा-आधा बांटकर हज़म कर गये।
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यह जो आप चुनावों में मोदी - भाजपा की कई-कई किलोमीटर लंबी शानदार रैलियां, रोड शो, पोस्टर-बैनरों से पटी पड़ी दीवार व सड़कें, प्रोपेगैंडा-तंत्र पर पानी की तरह बहाया जा रहा पैसा, अखबारों व टीवी चैनलों पर विज्ञापनों के रूप में बरसती कृपा, प्रदेश व जिला मुख्यालयों में..
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कुकुरमुत्ते की तरह उग आए भाजपा के फाइव स्टार दफ्तरों तथा कभी गांव-गलियों में आवारा फिरते छुटभैये भाजपाई कार्यकर्ताओं तक को भी बड़ी-बड़ी व महंगी कारों में घूमते देखते हैं, वह पैसा कहां से आया, यह कभी सोचा है आपने?
...6/12
पिछले 9 साल में NPA 365% बढ़ा है। 10 लाख करोड़ से ज्यादा की राशि बट्टे खाते में डाली गई, जिसमें से सिर्फ 13% कर्ज वसूले गए हैं। 2015 से 2023 के बीच 6,00,000 करोड़ का बैंक फ्रॉड हुआ है।
...7/12
टॉप 50 विलफुल डिफॉल्टर्स पर कुल 95,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। ऐसा नियम लाकर इस लूट को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मोदी सरकार ऐसा क्यों कर रही है?
...8/12
उन्होंने तो खुद घोषित किया था कि वे खजाने के चौकीदार हैं तो खजाना लूटने वाले चोरों के लिए नरम नरम नियम क्यों बना रहे हैं?
बदले में इन्हें क्या मिल रहा है?
बिना किसी फायदे के देश लूटने वालों को अभयदान मिल रहा है?
...9/12
लेकिन देश लूटकर भागने वाले चोरो पर टिप्पणी करने के लिए राहुल गांधी को अपनी सदस्यता और आवास सब गंवाना पड़ा।
लुटेरों का अमृतकाल चल रहा है। लूटने वालों के लिए नियम कानून भी बदले जा रहे हैं। लेकिन असली सवाल है कि लुट कौन रहा है?
..10/12
बहरहाल, कोई ताज्जुब नहीं कि जल्दी ही अपने मेहुल भाई, नीरव मोदी, विजय माल्या, संदेसरा बंधु आदि जैसे तमाम बैंक लुटेरों की ससम्मान स्वदेश वापसी हो जाये और उनके स्वागत-सत्कार के लिए पलक-पांवड़े बिछाये मोदी की दल-बल सहित 'अन्नदाता की जय हो' कहते हुए करबद्ध खड़े मिलें।

..11/12